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इंटर स्टेट यूथ रेड क्रॉस ट्रेनिंग कैंप में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया।

शासकीय महाविद्यालय बालोद के वॉलिंटियर्स लक्ष कुमार साहू व राजेश बक्शी ने किया राज्य का प्रतिनिधित्व।

रमेश मित्तल संपादक नवभारत news 24 छग

बालोद। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गौरव का विषय है कि शासकीय महाविद्यालय बालोद के दो युवा वॉलिंटियर्स ने इंटर स्टेट यूथ रेड क्रॉस ट्रेनिंग कैंप में भाग लेकर राज्य की पहचान को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित किया। शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालोद के यूथ रेड क्रॉस वॉलिंटियर लक्ष कुमार साहू तथा राजेश बक्शी का चयन इस प्रशिक्षण शिविर हेतु हुआ था।

इस ट्रेनिंग कैंप में चयनित काउंसलर एवं रेड क्रॉस प्रभारी डॉ. टी. आर. ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह शिविर 22 से 28 अगस्त तक पंजाबी धर्मशाला, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में आयोजित हुआ। इस प्रशिक्षण शिविर में देशभर के विभिन्न राज्यों एवं विश्वविद्यालयों से आए वॉलिंटियर्स ने एक साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया। यहाँ पर विविध भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और कला का आदान-प्रदान हुआ, जिससे यह शिविर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की सजीव झलक प्रस्तुत करता रहा।

*छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान*

इस कैंप में छत्तीसगढ़ राज्य से 22 वॉलिंटियर्स शामिल हुए। सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने अपनी लोकभाषा, पारंपरिक व्यंजन, लोकगीत, नृत्य और वेशभूषा को प्रस्तुत कर राज्य की विशिष्ट पहचान को पूरे देश के सामने प्रदर्शित किया। समापन दिवस पर आयोजित प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के व्यंजन, संस्कृति और परंपरागत वेशभूषा को विशेष रूप से सराहा गया।

बालोद जिला के वालंटियर लक्ष कुमार साहू को तीन बार अपने विचार को मंच पर साझा करने का मौका मिला जिसमें से अंतिम दिवस कैंप अनुभव हेतु 16 राज्यों के टीमों में से लक्ष साहू चयनित हुए और उन्होंने पूरी आत्मविश्वास के साथ अपना कैंप का अनुभव अंतिम दिवस समापन समारोह में आए मुख्य अतिथि डॉ.आर.के. जैन इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के राष्ट्रीय महासचिव , हरियाणा रेड क्रॉस के महासचिव श्री महेश जोशी और इन्टर स्टेट कैंप के कैंप निदेशक डॉ. रोहित शर्मा एवं उपस्थित अन्य अतिथि , वॉलिंटियर्स और काउंसलर के बीच अपनी बातें रखी।

*प्रशिक्षण से मिली महत्वपूर्ण सीख*

कैंप के दौरान युवाओं को अनेक सामाजिक एवं व्यवहारिक विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें प्रमुख रूप से –

• आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार

• स्वास्थ्य एवं स्वच्छता

• रक्तदान एवं नशामुक्ति जागरूकता

• पर्यावरण संरक्षण

• नेतृत्व क्षमता विकास

• ट्रैफिक नियम एवं फायर सेफ्टी

• योग, प्राणायाम एवं शारीरिक विकास

इसके साथ ही राम गुरुकुल गमन नाट्य का वर्चुअल मंचन, कला तीर्थ प्रांगण, हरियाणा में आयोजित हुआ जिसने सभी को गहराई से प्रभावित किया। प्रत्येक दिन विशेषज्ञ मास्टर ट्रेनर्स द्वारा व्याख्यान, प्रैक्टिकल एवं प्रेजेंटेशन के माध्यम से गहन जानकारी दी गई।

*कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक यात्रा*

प्रशिक्षण के साथ प्रतिभागियों को कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। यहाँ पर आयोजित लेजर शो के माध्यम से महाभारत युद्ध एवं गीता उपदेश के दृश्य प्रस्तुत किए गए, वहीं प्राचीन धरोहर से ओत-प्रोत म्यूज़ियम और सांस्कृतिक स्थलों का अवलोकन कराते हुए वॉलिंटियर्स को भारतीय इतिहास एवं संस्कृति से अवगत कराया गया।

*राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सेवा का संदेश*

इस कैंप का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों से आए युवाओं को एक मंच पर लाकर राष्ट्रीय एकता, भाईचारा एवं सामाजिक सेवा की भावना को प्रोत्साहित करना था। वॉलिंटियर्स ने न केवल सामाजिक उत्तरदायित्वों को समझा बल्कि सेवा, सहयोग और समर्पण के भाव को भी आत्मसात किया।

*सम्मान और शुभकामनाएँ*

शिविर से लौटने पर वॉलिंटियर्स का महाविद्यालय एवं जिले में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर रेड क्रॉस चेयरमैन तोमन साहू, प्राचार्य डॉ. जे. के. खलको, रेड क्रॉस जिला संगठक चंद्रशेखर पवार, डॉ. प्रदीप जैन, श्रीमती कमला वर्मा, शशिकला देशमुख, सीमा सुशील जामवन्ते, एनुका सार्वा, दिनेश तापड़िया, शरद ठाकुर, रूपनारायण देशमुख, एनएसएस प्रभारी प्रो. जी. एन. खरे तथा रेड क्रॉस प्रभारी डॉ. टी. आर. ठाकुर ने हर्ष व्यक्त करते हुए वॉलिंटियर्स को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

Ramesh Mittal

Chief Editor, navabharatnews24.com

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