माँ झरन मैया मंदिर में 22 जनवरी 2024 को प्राचीन मूर्तियों का 17वा स्थापना दिवस एवं रामलला के विराजमान होने पर कई विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है जिसमें समिति ने आम जनता से शामिल होने की अपील की गई है।

नवभारत news24/रमेश मित्तल/दल्लीराजहरा।
माँ झरन मैया प्राचीन मंदिर में पूर्व में यहाँ पर सिर्फ दो पेड़ो के बीच एक चबूतरे पर प्राचीन शिवलिंग नंदि बैल राजा महाराजा सेनिको की सैकड़ों मूर्तियां थीं देखरेख के अभाव में कई प्राचीन मूर्तियों को लोग उठाकर ले गये इस मंदिर के दोनों छोरो पर प्राकतिक झरनों के सैकड़ों झरने सदियों से बह रहे है एवं आज से 30 साल पहले यह झरनों का स्रोत रोड़ से 25-30 फीट नीचे था आज यह रोड़ के जमीनी स्तर पर आ चुका है लेकिन आज भी झरने अविरल बह रहे है शासन, प्रशासन के अनदेखी की वजह से धीरे धीरे यहां बने जलकुंडों की टंकियों में समीप से बहने वाले BSP प्रशासन के बारहमासी नाले में बरसात के दिनों में बाढ़ से इस पूरे परिसर में माइंस की मिटटी से पट चुका है जबकि आज भी आम जनता एवं कई वार्डो की जनता के लिए पीने का एवं निस्तारी का सबसे बड़ा साधन है।
सन 2005 में इस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिये रमेश मित्तल की अध्यक्षता में माँ झरन मैया मंदिर व जनकल्याण समिति का गठन किया गया था जिसमें लगभग 40 सदस्य थे सभी ने मिलकर दिन रात मेहनत कर इसके नवनिर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया ओर 22 जनवरी 2007 को प्राचीन मूर्तियों को नवनिर्मित मंदिर में पूरे विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा कराया गया जिसका इस 22 जनवरी 2024 को 17वा स्थापना दिवस है उसी प्रकार माँ झरन ( गंगा ) मैया एवं नवदुर्गा की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा दिनांक 14 मार्च 2007 को चेत्र नवरात्रि की पंचमी तिथि को पूरे पांच दिवसीय एकम से प्रारंभ कर पंचमी को किया गया आज संजोग से 500 वर्षों के बाद उसी 22 जनवरी को भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है उसके उपलक्ष्य में दोगुनी तैयारी से इस 17वा स्थापना दिवस को मनाने के लिए माँ झरन मैया मंदिर समिति की तैयारी जोरों पर है पूरे मंदिर को लाइटिंग से सजाया जा रहा है पूरे परिसर की साफ सफाई की जा रही है 22 जनवरी को मंदिर में निम्न कार्यक्रम होंगे जिसमें सभी नगरवासी शामिल हो यह मंदिर समिति ने अपील की है।
प्रातः 11 बजे भगवान राम जी की स्थापना पर पूजन
शाम 4 बजे 17 वे स्थापना दिवस की पूजा अर्चना प्रारंभ होगी
शाम 6 बजे महाआरती एवं पूरे मंदिर परिसर को दियो से सजाकर आतिश बाजी कर खीर पूरी प्रसाद का वितरण किया जायेगा
शाम 6.30 बजे से रामायण पाठ प्रारंभ होगा।
माँ झरन मैया प्राचीन मंदिर में मुख्य मार्ग पर नवनिर्मित मंदिर में चेत्र नवरात्रि में माँ झरन मैया, शिव पार्वती नंदी बैल पर विराजमान, दक्षिण मुखी हनुमान जी, राधा कृष्ण जी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा होगी जिसकी तैयारी भी ज़ोर शोर से दानदाताओ के सहयोग से जारी है।