खेल नगरी की नई पहचान बनेगा, वार्ड नंबर 7 में सिंथेटिक ग्राउंड के निर्माण को पार्षद वीरेन्द्र साहू के प्रयास से मुख्यमंत्री से मिली मंजूरी।

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छतीसगढ़
खेल नगरी की नई पहचान बनेगा वार्ड नंबर 7 में सिंथेटिक ग्राउंड के निर्माण को पार्षद वीरेन्द्र साहू के प्रयास से मुख्यमंत्री से मिली मंजूरी।
दल्लीराजहरा/ लौह अयस्क नगरी दल्लीराजहरा पूरे देश में जहां लौह अयस्क के लिए जाना जाता है वही यह शहर खेल नगरी के लिए भी पूरे देश में मशहूर है जो अपने ऐतिहासिक मेडल और नेशनल अवार्ड्स के लिए जाना जाता है, अब अपने खिलाड़ियों के लिए एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है। वार्ड नंबर 7 के पार्षद, वीरेंद्र कुमार साहू ने क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, एक सिंथेटिक ग्राउंड की मांग की है। यह ग्राउंड न केवल वार्ड नंबर 7 बल्कि पूरे गांव के खिलाड़ियों के लिए एक वरदान साबित होगा।
यह ग्राउंड देश की सेवा में जाने वाले युवाओं, विशेष रूप से आर्मी भर्ती की तैयारी करने वालों के लिए एक आदर्श प्रैक्टिस सेंटर होगा। इसके अलावा, यह ग्राउंड विभिन्न खेलों के आयोजनों का केंद्र बनकर पूरे दुर्ग संभाग को एक नई पहचान दिलाएगा। दल्ली राजहरा की खूबसूरती और प्राकृतिक सौंदर्य को और बढ़ाते हुए, यह ग्राउंड पर्यावरण शुद्धता और स्वच्छता का एक उदाहरण बनेगा।
पार्षद वीरेंद्र कुमार साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की खेल और युवा विकास की नीतियों से प्रेरित होकर, इस परियोजना को मंजूरी दिलाई है। मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए गए पत्र के बाद, उन्होंने इस परियोजना को स्वीकृति दी, जिसके लिए पार्षद साहू ने उनका आभार व्यक्त किया है। अब सब इंजीनियर को ग्राउंड के निर्माण के लिए निर्देशित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल दल्ली राजहरा के लिए बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है।
*दल्ली राजहरा: खेल नगरी की नई पहचान*
– खिलाड़ियों के सपनों को उड़ान देने का नया अध्याय
– आर्मी भर्ती की तैयारी के लिए आदर्श प्रैक्टिस सेंटर
– पर्यावरण शुद्धता और स्वच्छता का उदाहरण
– पूरे दुर्ग संभाग के लिए खेल आयोजन का केंद्र
– नेमीचंद जैन महाविद्यालय में संभागीय खेलों का आयोजन
– युवाओं को खेल के माध्यम से देश सेवा के लिए प्रेरित करना
*आभार:*
पार्षद वीरेंद्र कुमार साहू ने इस परियोजना के लिए सहयोग देने वाले सभी का आभार व्यक्त किया है, जिनमें:
– माननीय मुख्यमंत्री जी, जिन्होंने परियोजना को स्वीकृति दी।
– कलेक्टर जी, जिनके सहयोग से यह संभव हुआ।
– जिला अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष और सभी कार्यकर्ता।
– कोच और खेल प्रेमी, जिनके प्रयासों से दल्ली राजहरा की पहचान बढ़ी।
– विशेष रूप से, एनआईएस कोच रामनारायण जी, जिनकी सलाह से यह परियोजना साकार हुई।
*मेरी सोच:* खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और देश सेवा के लिए जो भी हो सके, करता रहूंगा।
पार्षद वीरेंद्र कुमार साहू ने बताया कि एथलीट क्लब में सिंथेटिक ग्राउंड की कमी थी, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की। रनिंग में कई रिकॉर्ड बनाने वाले एथलीट दल्ली राजहरा का सपना अब पूरा होने जा रहा है।
इस उपलब्धि पर हम सभी को गर्व है और हमें उम्मीद है कि यह ग्राउंड दल्ली राजहरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।



