छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ ने खदानों में ‘नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम’ लागू करने हेतु मुख्य महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन।

रमेश मित्तल संपादक नवभारत news 24 छग.
दल्लीराजहरा/ छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ द्वारा आज लौह अयस्क खान समूह (IOC), राजहरा के मुख्य महाप्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से संघ ने खदानों में कार्यरत नियमित और ठेका श्रमिकों के लिए तत्काल ‘नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम’ (गैर-वित्तीय प्रोत्साहन योजना) प्रारंभ करने की पुरजोर मांग की है।
ज्ञापन सौंपते हुए संघ के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि राजहरा खदान के श्रमिक विषम परिस्थितियों और जनशक्ति (Manpower) की भारी कमी के बावजूद दिन-रात अथक परिश्रम कर रहे हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की उत्पादन आवश्यकताओं को निर्बाध रूप से पूरा करने में इन श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ज्ञापन की मुख्य मांगें:
तत्काल क्रियान्वयन: खदान के सभी विभागों में कर्मियों की कार्यनिष्ठा को देखते हुए प्रोत्साहन योजना को अविलंब लागू किया जाए।
ठेका श्रमिकों का समावेश: संघ ने विशेष रूप से मांग की है कि इस योजना का लाभ समस्त ठेका श्रमिकों को भी दिया जाए, क्योंकि उनके बिना उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करना संभव नहीं है। पूर्व में भी ठेका कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिलता रहा है।
मनोबल में वृद्धि: उत्पादन में निरंतरता बनाए रखने के लिए श्रमिकों के उत्साहवर्धन हेतु यह योजना संजीवनी का कार्य करेगी।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन द्वारा श्रमिकों के इस न्यायोचित मांग पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया, तो संघ आगामी रणनीति पर विचार करने को बाध्य होगा। कार्यकारी सी जी एम श्री जय प्रकाश सर और पर्सनल इंचार्ज श्री गिरीश मढ़रिया,एवं लेबर ऑफिसर घनश्याम पारकर इस बैठक में उपस्थित थे नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम पर सार्थक चर्चा हुआ और हेड क्वार्टर भिलाई में डी जी एम पर्सनल तुषार रॉय चौधरी से भी सार्थक चर्चा हुआ।
ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ के प्रमुख पदाधिकारी अध्यक्ष राजेंद्र बेहरा कार्यकारी अध्यक्ष अजय नारायण मिश्रा कार्यालय सचिव गौतम बेरा,संगठन सचिव राजेश मीणा, सहसचिव विजेंदर मीणा,दिनेश विश्वास,श्याम साहू,विजय भंज,पिंटू चक्रवर्ती और बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।



