छत्तीसगढ़ राज्य रजत जयंती पर निर्मला स्कूल में अनुशासन एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन।

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छत्तीसगढ़
दल्लीराजहरा।छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर निर्मला स्कूल दल्ली राजहरा के प्रांगण में एक विशेष “अनुशासन एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम” का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ के इतिहास और गौरवशाली विरासत पर प्रकाश डालते हुए की गई, जिसमें छात्र-छात्राओं को राज्य की संस्कृति, परंपरा और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई। इसके पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य गीत “अरपा पैरी के धार” के मधुर स्वर से हुआ, जिससे पूरा परिसर छत्तीसगढ़ी गर्व की भावना से गूंज उठा।
छत्तीसगढ़, जिसे “धान का कटोरा” कहा जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और समृद्ध पर्यावरणीय विरासत के लिए प्रसिद्ध है। इसी पर्यावरणीय धरोहर के प्रति जागरूकता लाने हेतु विद्यालय में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने पौधे, फल, सब्जियाँ एवं प्रकृति से जुड़े पात्रों की वेशभूषा में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
साथ ही, छात्रों में अनुशासन और टीम भावना विकसित करने के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यालय की प्राचार्या ने अपने उद्बोधन में कहा कि —
“छत्तीसगढ़ ने इन 25 वर्षों में शिक्षा, कृषि, उद्योग और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आने वाली पीढ़ी को इस गौरवशाली राज्य के इतिहास और योगदान को जानना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में राज्य के प्रति प्रेम, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण की भावना जगाने का प्रयास किया गया है।”
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके बाद विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने छत्तीसगढ़ की उन्नति के लिए संकल्प लिया।



