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छत्तीसगढ़ लोकप्रिय लोकगायिका ज्योति सोनी देंगी 22 अक्टूबर को पहला लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम।

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छत्तीसगढ़

दल्लीराजहरा/ आंध्र जाति की होने के बावजूद छत्तीसगढी लोक संगीत में अपनी अलग पहचान बनाने वाली लोकगायिका ज्योति सोनी टीम द्वारा होगा पहला लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम ।इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ लोक मंच मया के बदरिया ग्राम बगवाही भानुप्रतापपुर जैन सूर्यवंशी कृत दूरदर्शन, आकाशवाणी एवं एल्बम कलाकारों से सुसज्जित लोक संस्था द्वारा 35 कलाकारों द्वारा 45 गानों का समागम किया गया है । यह कार्यक्रम खलारी कुम्हार पारा में 22 अक्टूबर 2025 बुधवार को रात्रि 10 बजे किया जाएगा, इस कार्यक्रम के आयोजन करता श्री गणेश एवं लक्ष्मी उत्सव समिति द्वारा किया गया है। आयोजन कर्ताओं द्वारा ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपस्थित होने की अपील किया है। आयोजन कर्ताओं द्वारा कार्यक्रम करवाने का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की संस्कृति को पिरो कर रखना है।

छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और सुरम्य धुनों को अपनी नई जीवंत करने आ रही है खलारी में ज्योति सोनी आंध्र जाति से संबंध रखने के बावजूद ज्योति सोनी ने छत्तीसगढ़ की मिट्टी, बोली और लोकगीतों को अपने सुरों में इस तरह पिरोया है कि वे राज्य में लोकप्रिय लोकगायिका की पहचान बना चुकी हैं। ज्योति सोनी का यह पहला स्टेज शो न केवल संगीत सफर की नई शुरुआत है बल्कि छत्तीसगढ़ी में नई ऊर्जा संचार भी है।

ज्योति सोनी ने कहा

छत्तीसगढ़ में लोकगायिका बनाने का श्रेय मेरे संगीत मार्गदर्शक मोहन सुंदरानी जी को जाता है जिनके आशीर्वाद से मैं यहां तक पहुंची हु। मेरे हर गीतों का संगीत निर्देशक व गीतकार भुवन साहू को भी मै अपना हृदय पूर्वक धन्यवाद देती हु। छत्तीसगढ़ की बोली और गीतों में अपनापन है यह मेरे आत्मा को महसूस करने की कोशिश की है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति अपनाने का सौभाग्य मुझे मिला है यह भूमि संगीत, माटी और मया की है मैं चाहती हु कि मेरे गीतों से लोग प्रदेश की परंपराओं को और करीब से महसूस करे। खलारी में पहला कार्यक्रम की प्रस्तुति के लिए समस्त छत्तीसगढ़ वासियों का आशीर्वाद चाहती हु।

Ramesh Mittal

Chief Editor, navabharatnews24.com

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