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दल्ली यंत्रीकृत खदान के निर्माणाधीन पैलेट प्लांट में पुनः एक बड़ी दुर्घटना घटी:- रामेश्वर साहू

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छत्तीसगढ़

दल्लीराजहरा/ भारतीय जनता पार्टी दल्ली राजहरा के मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि दिनांक 8 जून 2025 को सुबह लगभग 10 बजे दल्ली यंत्रीकृत खदान के निर्माणाधीन पैलेट प्लांट में एक बड़ी दुर्घटना घटी है जिसमें अभी तक किसी के घायल होने की जानकारी नहीं मिली है प्राप्त जानकारी के अनुसार दल्ली यंत्रीकृत खदान के गेट नंबर 03 के सामने निर्माणाधीन डायबिन बिल्डिंग में श्रमिकों द्वारा लगभग 20 फीट की ऊंचाई पर टैंक में समान लोड किया जा रहा था कार्य हड़बड़ी में और बिना सुरक्षा के मापदंडों का पालन करते हुए किया जा रहा था और समान लोड करते समय स्ट्रक्चर ढांचा टूट गया लेकिन किसी भी श्रमिक के घायल होने की जानकारी अभी तक नहीं मिली है। ऐसी जानकारी मिली है कि आज सुबह जगन्नाथ स्टील प्राईवेट लिमिटेड के अधिकारियों की देखरेख में कार्य करवाया जा रहा था और अब श्रमिकों के ऊपर कंपनी के अधिकारियों द्वारा दबाव भी बनाया जा रहा है कि जल्द से जल्द प्लांट को चालू करना है और कंपनी द्वारा कमीशनिंग लेटर बीएसपी को दे दिया गया है कि हमार प्लांट तैयार है और हम कार्य शुरू करने के लिए तैयार है और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पैलेट प्लांट अभी अधूरा है और उसे पूरा होने कम से कम 03 माह का समय और लगेगा लेकिन जगन्नाथ स्टील प्राईवेट लिमिटेड द्वारा बीएसपी से समय सीमा पर कार्य पूरा न कर पाने की स्थिति में लगने वाली पैनेल्टी से बचने के लिए आधे अधूरे प्लांट को पूरा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है और इसमें बीएसपी के पैलेट प्लांट के प्रोजेक्ट मैनेजर की मौन सहमति नजर आती है जिनके द्वारा जगन्नाथ स्टील प्राईवेट लिमिटेड को समय से कार्य पूरा न करने पर नियम पूर्वक लगने वाली पैनेल्टी के लिए किसी भी प्रकार की ठोस कार्यवाही नहीं किया जा रहा है जिससे जगन्नाथ स्टील प्राईवेट लिमिटेड को ईसका लाभ मिल रहा है ऐसी जानकारी मिली है कि इससे पहले एकबार बीएसपी प्रबंधन द्वारा जगन्नाथ स्टील प्राईवेट लिमिटेड को बिना पैनेल्टी ठेका कार्य के समय को बढ़ावा गया है जबकि छोटे ठेकेदारों पर बीएसपी प्रबंधन के अधिकारी नियमों का पालन करवाने से नहीं चूकते हैं लेकिन जब कोई बढ़ ठेकेदार आता है तो सारे नियम धरे के धरे रह जाते हैं चाहे बीएसपी का कितना भी नुकसान हो जायें मगर बड़े ठेकेदारों का नुक़सान नहीं होना चाहिए। ऐसी जानकारी मिली है कि जगन्नाथ स्टील प्राईवेट लिमिटेड में कार्यरत ठेका श्रमिकों को सरकार द्वारा तय वेतन भुगतान भी नहीं किया जाता है उनसे 12-12 घंटे काम लिया जाता है मगर नियमनुसार ओवरटाइम का पैसा नहीं दिया जाता है ईस तरह बाहर से आकर ऐसी कंपनी हमारे गरीब आदिवासी ठेका श्रमिकों का पूरी तरह शोषण करने में लगी हुई है इसमें बीएसपी प्रबंधन के अधिकारी पूरी तरह से शामिल हैं और सबसे ज्यादा जिनकी जिम्मेदार बनती है जिन्हें बीएसपी द्वारा ईस प्रोजेक्ट का मैनेजर नियुक्त किया गया है और जिनकी निगरानी में पूरा कार्य हो रहा है मगर उनके द्वारा भी ठेकेदार के हां में हां मिलना बहुत ही शर्मनाक है ऐसी जानकारी मिली है कि बीएसपी द्वारा नियुक्त प्रोजेक्ट मैनेजर को यह बात अच्छी तरह पता है कि पैलेट प्लांट अभी अधूरा है और उसे पूरा होने में समय लगेगा उसके बाद भी उनके द्वारा ठेकेदार के लोगों को यह कहा जाता है कि यहां पैलेट प्लांट से संबंधित तकनीकी बातें किसी को पता नहीं इसलिए आप लोग अपना काम करिए आप लोगों को कुछ नहीं होगा। अध्यक्ष ने आगे कहा कि राजहरा नगर में पैलेट प्लांट को लगाकर सरकार की मंशा थी कि यहां के गरीब आदिवासियों को रोजगार मिलेगा क्षेत्र का विकास होगा मगर यहां हो ठीक ईसके विपरीत रहा है पैलेट प्लांट लगने का लाभ बीएसपी के कुछ अधिकारियों को हो रहा है और कुछ जगन्नाथ के अधिकारियों दोनों ही स्थितियों में क्षेत्र की गरीब आदिवासियों को ठगा जा रहा है और दूसरी तरफ भी कुछ भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा एक तरफ बीएसपी को बदनाम किया जा रहा है और दूसरी तरफ जगन्नाथ के कुछ अधिकारियों द्वारा जगन्नाथ स्टील प्राईवेट लिमिटेड कंपनी को।

Ramesh Mittal

Chief Editor, navabharatnews24.com

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