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डीएवी स्कूल में अव्यवस्था से बच्चे परेशान, शिक्षा का स्तर निम्न पायदान पर

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छत्तीसगढ़

दल्लीराजहरा/ शहर में पिछले 12 साल से बीएसपी के द्वारा वार्ई 1 व 8 दो अलग-अलग भवन में डीएव्ही स्कूल संचालित है। इन दोनों स्कूल में लगभग 2 हजार बच्चे पढ़ाई करते हैं। स्कूल का पूरा खर्च बीएसपी वहन करती है। इसके बाद भी डीएवी प्रबंधन द्वारा बीएसपी व नान बीएसपी के बच्चों से फीस ली जाती है। वहीं पिछले 3 साल से स्कूल की पढ़ाई का स्तर निरन्तर गिरता जा रहा है। पालकों को अपने बच्चों की पढ़ाई व उनके भविष्य को लेकर चिंता सता रही है।
पालक पीजी प्रकाश, सी हरी, दीपक पदया वेंकटराव, विष्णुप्रताप सिंह, शेखर रेड्डी, विनोद जैन व पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष रवि जायसवाल ने बताया कि शहर में एकमात्र डीएवी स्कूल संचालित है यह देश के नामी स्कूल में से एक है, लेकिन दल्लीराजहरा में पिछले कुछ साल से इस स्कूल की पढ़ाई का स्तर गिर रहा है।
प्राचार्य की लापरवाही के चलते स्कूल में पढ़ाई ठीक से नहीं होती है। दूसरा कोई विकल्प नहीं है। स्कूल मे अनुभवी शिक्षक होने से हर साल टॉप में रहने वाले स्कूल बच्चे मेडिकल व आईआईटी में सलेक्ट होते थे, लेकिन पिछले सत्र में 10 व 12 वीं का परीक्षा परिणाम इतना खराब था कि एक भी बच्चा अच्छा नंबर से पास नहीं हुआ। जिसे साफ है कि स्कूल मे पढाई का स्तर गिर गया।
पालकों ने आरोप लगाया कि प्राचार्य कभी भी समय पर स्कूल नहीं आती है, पूरे साल में आधा महीना = स्कूल में नहीं रहती है। स्कूल में रखे डेस्क की प्लाई उखड़ गई दीवार मे सीपेज भवन का मरम्मत नहीं कराए जाता है प्राचार्य ने शिक्षको को दबाव पूर्वक अपने बच्चे को साल भर अलग से क्लास रूम में बैठाकर पढ़ाने के लिए दबाव बनाती रही।
भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने कहा है कि पिछले कुछ साल से प्राचार्य को लेकर पालकों में नाराजगी है। क्योंकि स्कूल का स्तर गिर गया है। पिछले कुछ साल से बच्चे स्कूल के टॉपर नहीं हो रहे है। स्कूल के चेयरमैन को पढ़ाई के गिरते स्तर को संज्ञान में लेकर प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। नहीं तो सभी ट्रेड यूनियन मिलकर डीएवी स्कूल के प्रचार्य के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा

स्कूल की सफाई भी ठीक से नहीं होती है। शौचालय में गंदगी होने से बच्चों को दिक्कत होती है। एक ओर शहर में डेंगू फैला हुआ है। स्कूल के कई बच्चे भी डेंगू से पीड़ित है, वहीं स्कूल प्रबंधन का सफाई में ध्यान नहीं है। वहीं बच्चों के खेल मैदान में बड़े-बड़े गाजर घास उग गये है। सांप, बिच्छू का खतरा बना रहता है। इसकी सफाई भी प्रबंधन द्वारा नहीं हो पा रही है। बच्चे खेल मैदान मे खेलने नहीं जाते।
ज्ञात हो कि बीएसपी के द्वारा शहर के सभी स्कूल को बंद कर 60 साल पुराने बीएसपी दो स्कूल भवन को संचालित करने के लिए डीएवी प्रबंधन को दिया गया है। यह भवन इतना पुराना व जर्जर है कि बरसात के दिनों में कमरे में पानी टपकता है। दीवार में सीपेज है। पूरे स्कूल के खिड़की, दरवाजे सड़ने लगा है। बिजली की वायरिंग भी अस्त-व्यस्त है। बच्चों को बैठने के डेस्क की प्लाई उखड़ गया है। बेंच में छेद हो गए हैं। बच्चों को बैठने में परेशानी होती है।

Ramesh Mittal

Chief Editor, navabharatnews24.com

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