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माँ झरन मैय्या प्राचीन मंदिर के प्राकृतिक जलकुंडों से जल उठाने पिछले एक सप्ताह में लगभग तीन हजार से ज्यादा शिव भक्त कावड़िये पहुंचे।

माँ झरन मैय्या मंदिर व जनकल्याण समिति के द्वारा सभी कावड़ियों को फल व बिस्किट का किया वितरण।

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छत्तीसगढ़

दल्लीराजहरा/ माँ झरन मैय्या प्राचीन दरबार में  कुसुमकसा से लगभग 25 वर्षों से व शिव संस्कार धाम से 5 वर्षों से ही कावड़िये प्राकृतिक झरनों के जलकुंड से पदयात्रा करते हुए जल उठाने आते थे लेकिन पिछले कुछ सालों से लगातार कावड़ियों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है दल्लीराजहरा के लगभग सभी 27 वार्डों से शिवभक्त माँ झरन मैय्या मंदिर के दाएं छोर पर प्राकृतिक झरनों के कुंडो से जल उठाने के लिए पहुँच रहे है यथासंभव समिति सभी आने वाले कावड़ियों का स्वागत सत्कार कर रही हैं व सभी भक्तजनों को केला व बिस्किट पैकेट प्रदान किया गया है इस वर्ष भी इस अंतिम सप्ताह में पिछले शनिवार से इस शनिवार के बीच में लगभग 3000 हजार से ज्यादा कावड़िये शिव भक्तों का आगमन हो चुका है वही पूरे सावन मास में लगभग 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुँचते है समिति के द्वारा सभी कावड़िये श्रद्धालु को फल बिस्किट बाटा गया।

मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालु माधुरी, निर्मला, चमेली, मीरा बाई, मंजू साहू ,हेमशंकर, कांति लाल, भुनेश्वर साहू, जीवन साहू, अनिल सुथार, संजय बैस, नितिन जैन जैसे सैकड़ों कावड़ियों के द्वारा समिति के सदस्यों से पुराने जलकुंड की टंकी की सफाई व टंकी के नवनिर्माण करने की मांग रखी जा रही है ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुविधा उपलब्ध हो सके।

माँ झरन मैय्या मंदिर समिति के संरक्षक रमेश मित्तल व अध्यक्ष महेश सहारे ने बताया कि हमारे द्वारा कई वर्षों से बीएसपी प्रशासन से CSR मद से बीएसपी के समीप से बहने वाले बारहमासी नाले में सीसी वाल निर्माण एवं प्राकृतिक झरनों के जलकुंड की पूर्व से निर्मित दोनों टंकियों की सफाई कर उन टंकियों की ऊँचाई बढ़ाने की मांग की जा रही है सिर्फ आश्वासन दिया जाता है लेकिन आज तक कोई भी कार्य को प्रारंभ नहीं किया गया है वहीं लगातार नगरपालिका से भी मांग करते आ रहे हैं वर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने आश्वासन दिया है कि इस बारिश के बाद निश्चित ही मंदिर प्रांगण में जो दलदली एव बाढ़ का पानी प्रतिवर्ष भर जाता है इसे रोकने के लिए कार्य कराया जायेगा व पी एच ई विभाग व नगरपालिका के द्वारा भी झरनों के कुंड को संरक्षित करने एवं इस झरनों के जल को उपयोग करने के लिए इस्टीमेट बनकर तैयार हो गया है जैसे ही राशि स्वीकृत होगी काम प्रारंभ कर दिया जायेगा एव आने वाले श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित सुविधा उपलब्ध हो ऐसा प्रयास किया जायेगा।
समिति के सदस्यों के द्वारा निजी चंदा कर सावन मास में श्रद्धालुओं को फल व बिस्किट वितरण किया जाता है वहीं प्रतिवर्ष महारुद्राभिषेक पूजा, भजन, रामायण का आयोजन किया जाता है इसमें समिति के रमेश मित्तल, महेश सहारे, नरोत्तम सागर, सोहन भारद्वाज, ठाकुर राम रावटे, मनीष पाठक, दिलीप साहू, मनोज जैन, अरुण अरोरा का सहयोग प्राप्त हुआ।

Ramesh Mittal

Chief Editor, navabharatnews24.com

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