माँ झरन मैय्या मंदिर के प्रथम दिवस पर कलश यात्रा वेदी पूजन व शिव महात्म्य की कथा के महत्व को बताया गया।
20 से 25 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 9 से 11 बजे तक पार्थिव शिवलिंग की होगी पूजा व दोपहर 2 बजे से कथा का वर्णन।

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छतीसगढ़
दल्लीराजहरा/ माँ झरन मैय्या प्राचीन मंदिर में 19
फरवरी से 25 फरवरी तक सात दिवसीय शिव महापुराण कथा की शुरुआत कलश यात्रा से प्रारंभ हुई माँ झरन मैय्या मंदिर से दोपहर 12 बजे यात्रा प्रारंभ हुई जो शीतला माता मंदिर से वापस दंतेश्वरी मंदिर होते हुए पुनः झरन मंदिर पहुंची जहां वेदी पूजन का कार्यक्रम हुआ।
दोपहर 3 बजे से शिव महात्म्य की कथा का वर्णन कथा वाचक पंडित अभिषेक कृष्ण शास्त्री के द्वारा श्रवण कराया गया उन्होंने शिव महापुराण के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भी श्रद्धालु शिव महापुराण की कथा को पूरे मन से श्रवण करता है,चाहे वह कितना भी बड़ा पापी हो वह सारे पापो से मुक्त हो जाता हैं जो शिवमहापुराण कथा का आयोजन करता है जो धैर्य से सुनकर अमल करता है वह शिव लोक को जाता है शास्त्री जी ने कई कथाओ के माध्यम से शिव महिमा का वर्णन कर श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया।
कथा के प्रारंभ में भजन गायिका कल्पी दुबे के द्वारा शिव की आरती गाकर श्रोताओं का मन मोह लिया कथा के बीच बीच में भजन के माध्यम से भी कथा की गई अंत में माता के भजन कर आरती कर प्रसाद वितरण किया गया इस दौरान समिति के रमेश मित्तल, महेश सहारे, सोहन भारद्वाज, आनंद साहू, मनोज जैन महिला समिति की सदस्यों के अलावा सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे कथा का लाइव प्रसारण यु ट्यूब पर पंडित सुरेन्द दुबे सतना के द्वारा किया गया।



