माँ झरन मैय्या मंदिर व जनकल्याण समिति ने बीएसपी मुख्य महाप्रबंधक व महाप्रबंधक प्रभारी राजहरा माइंस, नगरप्रशासक से मिलकर 4 सूत्रीय मांगों को पूरा करने हेतु माँग पत्र सौपा।

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छत्तीसगढ़
दल्लीराजहरा/ माँ झरन मैय्या मंदिर व जनकल्याण समिति के संरक्षक व मंदिर प्रभारी रमेश मित्तल, अध्यक्ष महेश सहारे ,सचिव नरोत्तम सागर ने श्री आर बी गहरवार मुख्य महाप्रबंधक (खदान) आई.ओ.सी. राजहरा को संतोषी मंदिर वार्ड नं. 12 की पुलिया से डडसेना पुलिया तक आर.सी.सी.वाल का निर्माण व अन्य कार्य कराये जाने बाबत लिखित माँग पत्र सौपकर आगामी 30 दिनों के अंदर कार्य प्रारंभ करने की गुहार लगाई है इसकी प्रतिलिपि जयप्रकाश महाप्रबंधक प्रभारी राजहरा माइंस व नगरप्रशासक टाऊनशिप राजहरा को भी दी गई हैं।
मांग पत्र में बताया गया है कि मॉ झरन मैय्या प्राचीन मंदिर के समीप से बारहमासी बहने वाला नाला जो कि डेम साइड में मिलता है, में बारिश के दिनों में अत्यधिक बहाव व बाढ़ के कारण मंदिर के दायें छोर पर बनी प्राकृतिक झरनों की जलकुण्ड की टंकी फाइंस मिट्टी से पिछले 15 साल से पट चुकी है। जिसके कारण वार्ड नं. 10, 12, 18 व आम नागरिकों को पीने का पानी व निस्तारी की समस्या से जुझ रहे हैं, एवं हर बारिश में मंदिर व उसके प्रांगण में 8-10 फीट पानी व मिट्टी जम जाती है। हमारी समिति द्वारा लगातार बी.एस.पी. प्रबंधन को विगत 10 वर्षों से लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराते आ रहे है, लेकिन वर्तमान तक कोई भी कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है।अतः आपसे आग्रह है कि अविलम्ब हमारी मांगों पर गम्भीरता दिखाते हुए आगामी 30 दिनों के अंदर कार्य प्रारम्भ किया जावे।
रमेश मित्तल ने बताया कि आज से छह महीने पूर्व भी नगरपालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू व वार्ड के पार्षदों के साथ बीएसपी के मुख्य महाप्रबंधक से मिलकर 6 सूत्रीय मांगों का पत्र सौपा गया था जिस पर बीएसपी प्रशासन के अधिकारियों ने सर्वे कर सिर्फ खानापूर्ति की थी किसी भी मांग को आज तक पूरा नहीं किया गया है आगामी 30 दिनों में अब अगर कोई भी कार्यवाही नहीं होती है तो आगे हमारे द्वारा जो भी कार्यवाही की जावेगी उसकी पूरी जवाबदेही बीएसपी प्रशासन की होगी।
प्रमुख मांगे निम्न है:-
(1) संतोषी मंदिर से डडसेना पुलिया तक नाले के दोनों छोर पर आर.सी.सी. वाल का निर्माण तत्काल कराया जावे।
(2) मंदिर के प्राकृतिक झरनों की पूर्व निर्मित टंकी से फाइंस मिट्टी की सफाई कराया जावे।
(3) मंदिर के चारों ओर बाउण्ड्रीवाल का निर्माण कराया जावे।
(4) मंदिर के दोनों छोर पर खतरनाक मोड़ पर हाईमास्क लाईट लगाया जावे।



