रेत माफिया कर रहे रेत हरण, बालोद जिले की धरती चीर कर सरकार को लगा रहे लाखो रुपए का चूना, माइनिंग विभाग कुंभकर्ण की नींद में।

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छत्तीसगढ़
बालोद / जिले के गुण्डरदेही क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में खुले आम रेत उत्खनन की कई शिकायतों और समाचार में प्रकाशन के बाद गहरी नींद में सोए खनिज विभाग की नींद खुली और उन्होंने कार्रवाई करने की जहमत उठाई।
परन्तु हाली ही में खनिज विभाग की कारवाई के बाद भी अंचल में रेत खनन का अवैध कार्य फिर पनपने लगा है , जिससे आस पास के ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
सरकार को लाखों की रॉयल्टी का चुना लगाने के लक्ष्य से इन खनन माफियाओं द्वारा मोटी रकम में रेत खनन कर सप्लाई का कार्य किया जा रहा है ।
इससे कई सवाल खड़े होते है :
अब सवाल ये है कि क्या औचित्य रही विभागीय कार्रवाई की ?
क्या खनिज विभाग की कारवाई खानापूर्ति मात्र थी जो कार्रवाई उपरांत भी खनन जारी है ?
क्या खुले आम चल रहे अवैध रेत उत्खनन के बारे में खनिज विभाग को किसी प्रकार की सूचना नहीं है ?
इधर पता साजी करने पर खबर मिली कि खनिज अधिकारी का जिले के कोड़ ग्राम के खनिज माफियाओं के खासा अच्छे संबंध है , जिनके खिलाफ कोई नेता या ऊपरी अधिकारी संपर्क करना चाहे तो खुद को प्रशासनिक ढांचे से ऊपर समझने वाली अधिकारी उनका फोन न पत्रकारों का फोन उठाना मुनासिब नहीं समझती हैं ।
ग्रामीणों द्वारा मुखर हो कर इस अवैध खनन का विरोध किया जा रहा है , पर इसपर विभागों की चुप्पी ,
कहीं विभाग के संरक्षण में तो नहीं हो रहा खेल ?
अब जवाब समय ही देगा , आने वाले वक्त में कोई ठोस कार्रवाई कर इस खनन के कार्य को बाधित किया जाता है या यूंही खनिज विभाग की सुस्ती से माफियाओं के द्वारा शासन को लाखों की चपत लगती रहेगी ।
कई भाजपा के नेता ने तो ये भी संकल्प ले लिया है कि प्रभारी मंत्री से मिल कर करेगे भ्रष्टाचारी माइनिंग अधिकारी की शिकायत
भाजपा के नेताओं ने कहा की बालोद जिले के प्रभारी मंत्री व छत्तीसगढ़ प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाक़ात कर उन्होंने भ्रष्टाचारी माइनिंग अधिकारी के शिकायत करेगे व उन्हें ये भी बताया जाएगा की किस तरह माइनिंग विभाग के अधिकारी के द्वारा अवैध रेत उत्खनन माफियाओ को संरक्षण दिया जा रहा है और किस प्रकार अवैध रेत उत्खनन माफियों को बालोद जिले की धरती का चीर हरण करने दिया जा रहा है
चंदन बिरी व पोड़ खदान मैं रोज़ लग रही 50: से 60 गाड़ी लोडिंग लेने के लिए इन रेती की अवैध खदान को इतने खुले आम बालोद जिलो के ग्रामीण छेत्र मैं चलना ये प्रतीत करता है की विभाग की और से अवैध खनन करने का व धरती चीरने का लाइसेंस दिया गया है तभी इतने खुले आम अवैध उत्खनन किया जा रहा है



