सदैव करे नारियों का सम्मान:- मनोज मोहन शास्त्री

रमेश मित्तल संपादक नवभारत news 24 छतीसगढ़
छत्तीसगढ़ राजनंदगांव (क्राइम रिपोर्टर) अभिषेक दुबे
राजनांदगांव/ भागवत प्रवक्ता मनोज मोहन शास्त्री जी ने पूरे भारत वर्ष को यह संदेश दिया है कि अगर अन्न का अपमान होता है, तो राष्ट्र की हानि अवश्य होगी।शास्त्री जी ने कहा है कि उतना ही ले थाली में जो व्यर्थ न जाए नाली में। जिस अन्न के लिए हम प्रातः काल से संध्या काल पर्यंत नित्य मेहनत करते हैं, आज हम उसी अन्न का अगर अपमान करें तो हमारा जीवन व्यर्थ है।आगे कहते हैं कि केवल अन्न दान के लिए आपको पात्रता नहीं देखना पड़ता है, अपितु जितने सभी दान हैं उसके लिए आपको पात्रता देखना पड़ेगा। इसलिए दोनों में सर्वश्रेष्ठ दान अन्न दान है।एक महान शक्तिशाली दान के बारे में बताएं जो राष्ट्रहित के लिए है, वह है रक्तदान। जिससे व्यक्ति तुरंत ही स्वस्थ हो जाता है। जो अपने शरीर को कष्ट देकर दान करते हैं, उस दान का नाम रक्त दान है।
शास्त्री जी ने नारी शक्ति के बारे में भी कहा कि जहां नारियों का सम्मान होता है, वहीं देवता निवास करते हैं। इसलिए हम संकल्प ले कि नारियों का सदैव सम्मान करेंगे।डॉ मनोज मोहन शास्त्री जी का यह संदेश पूरे विश्व के लिए एक सुंदर संदेश है, जिसे हम सभी को पालन करना अति आवश्यक है।



