सावन माह के आगाज का महिलाओं ने अनेक आयोजन कर किया स्वागत।

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छत्तीसगढ़
दल्लीराजहरा/ सावन के महीने में महिलाओं द्वारा सावन महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें वे पारंपरिक परिधान पहनकर, सावन के गीत गाकर, झूला झूलकर और मेहंदी लगाकर उत्सव मनाती हैं। यह आयोजन महिलाओं को एक साथ आने, अपनी संस्कृति को प्रदर्शित करने और एक-दूसरे के साथ खुशी मनाने का अवसर प्रदान करता है।
सावन महोत्सव में महिलाओं की भागीदारी:
सांस्कृतिक कार्यक्रम:
सावन महोत्सव में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा पहनती हैं, सावन के गीत गाती हैं, और नृत्य करती हैं।
झूला:
सावन महोत्सव में झूले का विशेष महत्व है, और महिलाएं झूला झूलकर आनंद लेती हैं।
मेहंदी:
सावन के महीने में मेहंदी लगाना एक लोकप्रिय परंपरा है, और महिलाएं एक-दूसरे के हाथों में मेहंदी लगाती हैं।
सामाजिक मेलजोल:
सावन महोत्सव महिलाओं को एक-दूसरे से मिलने, बातचीत करने और सामाजिक बंधन मजबूत करने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है।



