सोनम वांगचुक की रिहाई की एवं अन्य मांगों को लेकर छ ग मुक्ति मोर्चा ने रैली निकालकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
उच्चतम न्यायालय के जज पर जूते से अमानवीय हमले को जनक लाल ठाकुर ने शिक्षा और संविधान पर हमला बताया है।

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छत्तीसगढ़
दल्लीराजहरा/ छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने कैम्प 1 शहीद भवन से रैली निकालकर जैन भवन चौक में सोनम वांगचुक की नि:शर्त रिहाई, सी जे आई गांवई उच्चतम न्यायालय के जज पर जूते से अमानवीय हमला, दलित, आदिवासियों और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों एवं छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दे को लेकर नारेबाजी करते हुए रैली एस डी एम आफिस में पहुंचा एस डी एम आफिस में कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं रहने पर लोग आक्रोशित होकर आफिस के गेट पर ही धरने पर बैठ गए ओर नाराबाजी करते रहे एस डी एम साहब अपना दौरा बीच में छोड़ कर ज्ञापन लेने आए तब महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी, माननीय प्रधानमंत्री जी, महामहिम राज्यपाल महोदय जी, माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी डौण्डी लोहारा दल्ली राजहरा को ज्ञापन सौंपा गया।
पूर्व विधायक व छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर जी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि सोनम वांगचुक बहुप्रतिष्ठित समाजिक कार्यकर्ता, शिक्षा सलाहकार, वैज्ञानिक व्यक्तित्व के धनी हैं देश के लिए केई अविष्कार किया है। ऐसे व्यक्ति को अचानक से देश के लिए खतरा और देशद्रोही बताकर कारागार में डालना सरकार की साजिश है पहाड़ों को निजी हाथों में सौंप कर लूट का रास्ता बनाने का षड़यंत्र रचा गया है।हम सोनम वांगचुक की नि:शर्त रिहाई की मांग करते हैं।
सी जे आई गवई उच्चतम न्यायालय के फैसले को सनातन विरोधी कहते हुए जूते से अमानवीय हमला करना ये मनुवादी विचार धारा से प्रेरित है। ये हमला शिक्षा और संविधान पर हमला है।हम ऐसे घोर अमानवीय कृत्य की कड़ी निन्दा करते हैं। और ऐसे अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वालों पर त्वरित कठोर कार्यवाही करने की मांग करते हैं। जिससे देश में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो।
पिछले 10-11 सालों में दलितों पर हमला, आदिवासियों पर हमला, धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमला बहुत ज्यादा तेज हुए हैं। इन पर हमले करने वालों को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त होता है इसलिए इनके हौसले और बुलंद होते हैं। ऐसे लोगों पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ सरकार स्मार्ट बिजली मीटर की आड़ में जनता से दुगुना तिगुना बिल वसूला जा रहा है। और बिजली कम्पनियों के लिए लूट का रास्ता खोला जा रहा है। अतः हम मांग करते हैं कि दुगुना तिगुना बिजली बिल वसूलना बंद किया जाए।
प्रदेश में अति वृष्टि/ ओला वृष्टि बेमौसम वर्षा के कारण किसानों को हुए नुकसान का फसल पर उचित बीमा राशी प्रदान किया जाए।
बालोद जिले की वन क्षेत्र पर स्थित जामड़ी पाट की वन भूमि को लमती पंचायत के आश्रित ग्राम तुएगोंदी को समुदायिक पट्टा न दे कर मंदिर के आड़ में संत बालकदास को पट्टा देने की शासकीय साजिश पर तत्काल प्रतिबंध लगाई जाय।
और विष्णु देव साय सरकार द्वारा जनता को शराब का आदी बनाया जा रहा है।मूल भूत मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नशें में ही डुबा रही है। देश में बेरोजगारी दर दिन ब दिन तेजी से बढ़ रही है सरकारी नौकरी के पद खत्म किया जा रहा है। प्राईवेट सेक्टर में भी स्कील्ड की आड़ में स्थानीय बेरोजगारों को धोखा दिया जा रहा है
इन तमाम मुद्दों को लेकर एक दिवसीय रैली धरना प्रदर्शन किया गया।इन मुद्दों पर त्वरित कार्यवाही न होने पर छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, छग० माईंस श्रमिक संघ, जन मुक्ति मोर्चा, सीटू युनियन, गोण्डवाना समाज, बौद्ध समाज,हल्बा समाज और संयुक्त मोर्चा ने व्यापक व उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में जनक लाल ठाकुर, रामचरण नेताम, राजाराम बरगद, बिहारी ठाकुर, ललन साहू, सर्व आदिवासी समाज से देवेन्द्र उइक, संतोष घराना, कुंभकरण पिस्दा,संत राम ठाकुर, विनोद मिश्रा, रामदीन गुप्ता,प्रमोद कावले, मुकेश मांझी, छबीला कोरम, संगीता, ममता मंडावी, सुमन उइके, हेमंत कांडे, श्री राम, राजू साहू, टोमन, भूपेंद्र, हितेश, सैकड़ों कार्यकर्ता और संघठन के लोग इस धरना प्रदर्शन में शामिल हुए।



