छत्तीसगढ़दल्लीराजहरा

शिव काली मंदिर ग्राम कुसुमकसा से निरन्तर पिछले 20 वर्षो से कुसुमकसा से दल्लीराजहरा के प्राचीन झरन मंदिर के प्राकृतिक झरनो के जलकुंडों से जल लेने के लिए आने वाले कावड़िये इस साल झरन मंदिर 11 अगस्त 2024 को पहुचेंगे

रमेश मित्तल नवभारत news छत्तीसगढ़

दल्लीराजहरा/ कुसुमकसा/ शिव काली मंदिर ग्राम कुसुमकसा से पिछले 20 वर्षो से कुसुमकसा से दल्लीराजहरा के प्राचीन झरन मंदिर के प्राकृतिक झरनो के जलकुंडों से जल लेने के लिए हर साल कुसुमकसा से पदयात्रा करते हुए आते हैं यहां के जलकुंड से जल उठाकर ले जाकर कुसुमकसा मंदिर में भव्य रुद्राभिषेक करते है इस वर्ष आगामी 11अगस्त 2024 दिन रविवार को कावड़ियों का झरन मंदिर में आगमन होगा।
कुसुमकसा के कावड़ियों का माँ झरन मैय्या मंदिर समिति के द्वारा भव्य स्वागत कर सभी कावड़ियों को फलाहार कराया जाता है उसके पश्चात सभी कावड़िये जल लेकर पदयात्रा करते हुए कुसुमकसा पहुँचते है जहां ग्रामवासियों व व्यापारियों के द्वारा सभी कावड़िये का भव्य स्वागत आरती उतारकर किया जाता है।

यह ऐतिहासिक कावड़ यात्रा 11 अगस्त दिन रविवार को सुबह 11 बजे कुसुमकसा से कावड़ लेकर बाजे गाजे के साथ निकलेगी जो की दल्ली राजहरा के मां झरन मैय्या प्राचीन मंदिर पुराना बाजार स्थित  प्राकृतिक झरण कुंड से जल लेकर कुसुमकसा स्थित देवाधिदेव महादेव का जल अभिषेक कर कुसुमकसा के सभी नागरिकों के सुख समृद्धि स्वास्थ्य की मंगल कामना की जाती है।

Ramesh Mittal

Chief Editor, navabharatnews24.com

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