श्री राम जानकी सेवा समिति कुसुमकसा से कल पदयात्रा करते हुए जल लेने पहुँचेगे माँ झरन मैय्या मंदिर।

रमेश रमेश मित्तल नवभारत news 24 छत्तीसगढ़
दल्लीराजहरा/ श्री राम जानकी सेवा समिति एव शिव मंदिर कुसुमकसा के तत्वाधान में पिछले लगभग 25 वर्षों से माँ झरन मैय्या प्राचीन मंदिर के जलकुंड से जल लेने के कुसुमकसा से पदयात्रा कर पहुँचते है जल लेकर कुसुमकसा स्थित शिव मंदिर में रुद्राभिषेक किया जाता है।
राम जानकी सेवा समिति कुसुमकसा के कावड़िये का माँ झरन मैय्या मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा स्वागत सत्कार कर सभी कावड़िये को फलाहार कराती है पदयात्रा समिति में प्रमुख रूप से पंडित लखन गिरी गोस्वामी, अनिल सुथार, संजय बैस, नितिन जैन, संतोष जैन, मनीष जेठवानी, नंदकिशोर पिस्दा, राजू सिन्हा, देवराज जैन, दिनेश जैन, कमलेश्वर सिन्हा, पंकज जेठवानी, पुष्प जीत बैस के साथ समस्त ग्राम वासी, स्कूलों के बच्चे बड़े ही उत्साह से शामिल होते है कावड़िये में लगभग 200 से 250 की संख्या रहती है।
माँ झरन मैय्या मंदिर समिति के संरक्षक व मंदिर प्रभारी रमेश मित्तल एव अध्यक्ष महेश सहारे ने बताया कि हमारी समिति के द्वारा पिछले 25 सालों से कुसुमकसा से आने वाले कावड़िये का स्वागत सत्कार कर फलाहार की व्यवस्था की जाती है अब मंदिर प्रांगण में पिछले 4-5 वर्षों से शिव संस्कार धाम व सभी वार्डो में बने शिव मंदिर के श्रद्धालु गण भी पधार रहे हैं सभी के लिए यथा संभव हम सेवा सत्कार करते आ रहे सावन मास का 4/8/2025 को अंतिम सोमवार है इस दिन शिव संस्कार धाम एव अन्य वार्डो के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आने की संभावना है वहीं झरन मंदिर में भी अंतिम सोमवार को पार्थिव शिवलिंग की पूजा व महारुद्राभिषेक का उसी दिन आयोजन रखा गया है।



