लगातार चक्काजाम के चलते महामाया ग्राम विकास संगठन ने भी अपनी रोजी रोटी की समस्या को लेकर CGRKSS और CMSS के साथ मिलकर SDM और महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा।

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छत्तीसगढ़
दल्लीराजहरा/ दिनांक-16-10-2025 से महामाया माइंस के आस-पास क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा लगातार चक्काजाम कर अपने माँगों के लिए आंदोलन किया जा रहा है, जिस कारण हमारे संगठन छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ एवं छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ और ग्राम विकास संगठन के ठेका श्रमिक जो मेसर्स एन.सी. नाहर महामाया माइंस में कार्यरत है वे सभी अपने कार्य क्षेत्र में ड्यूटी पर नहीं जा पा रहे है, और उनकी हाजरी भी नहीं लग रही हैऔर अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि उसी महामाया माइंस में कार्यरत नियमित कर्मचारियों की हाजरी प्रतिदिन राजहरा माइंस आफिस में लगाया जा रहा है, उक्त परिस्थितियों में हमारे संगठनों के कार्यरत श्रमिकगण बेरोजगार की श्रेणी में आ गये है, उनके सामनें रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो रही है महामाया माइंस के ग्रामीणों द्वारा किये जा रहे आंदोलन के निर्णय होने तक पूर्व में कार्यरत सभी ठेका श्रमिकों का भी हाजरी नियमित कर्मचारियों की तरह लगाया जाय, एवं वेतन भुगतान करानें की व्यवस्था भी सुनिश्चित किया जाय।
इस विषय में छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ एवं छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ और ग्राम विकास संगठन महामाया के तत्वाधान में श्रमिकों ने बी एस पी माइंस ऑफिस चौक और एस डी एम ऑफिस के सामने में भारी संख्या में तीनों संगठनों ने आकर नारे बाजी की तथा तीनों संगठनों के द्वारा धरना प्रदर्शन किया और अगर जल्द से जल्द इस परेशानी का निवारण न होने से ग्राम विकास संगठन के साथ CGRKSS और CMSS के श्रमिकों द्वारा अनिश्चितकालीन धरने में बैठने का चेतावानी संगठनों के द्वारा दिया गया उसके पश्चात महाप्रबंधक और एस डी एम को ज्ञापन सौंपकर इस विषय में चर्चा की इस अवसर पे छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ के महासचिव-अनिल यादव , अध्यक्ष राजेन्द्र बेहरा , छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ से सोमनाथ ,ग्राम विकास संगठन महामाया के अध्यक्ष गायत्रू शोरी चंदू लाल,हरिशंकर दुबे,सुरेश साहु, बलवंत राय,सालिक राम,हरिशंकर राव,संजीवन सिन्हा सोहित अशोक रैनसिंह, शिवप्रसाद, सोमनाथ, पुरुषोत्तम,दिनेश, चंदन,रमेश, सुरेश,रिनेश, रत्निबाई,दुर्गा सुमन, उषाबाई एवं सभी सभी कार्यरत ठेका श्रमिक उपस्थित थे।



