छत्तीसगढ़दल्लीराजहराविविध ख़बरें

शा. नेमीचंद जैन महाविद्यालय व महिला बाल विकास के तत्वाधान में “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत बाल संरक्षण एंव बाल अपराध के सम्बन्ध में जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत व्याख्यान व सामूहिक शपथ का आयोजन किया गया।

रमेश मित्तल संपादक नवभारत news 24 छग.

दल्लीराजहरा/ शासकीय नेमीचंद जैन महाविद्यालय दल्लीराजहरा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एंव महिला बाल विकास विभाग बालोद के संयुक्त तत्वाधान में “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत बाल संरक्षण एंव बाल अपराध के सम्बन्ध में जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत व्याख्यान व सामूहिक शपथ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग बालोद के संरक्षण अधिकारी श्री देवेन्द्र देशमुख मुख्य अतिथि एवं काउंसलर श्रीमती अशलेखा देवांगन विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए उनके साथ अतिथि के तौर पर आँगनबाडी कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कविता सिंह ने की व आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी श्री राजेश कुमार ठाकुर द्वारा किया गया, कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन व्याख्याता डॉ. प्रवीण गुप्ता द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती व छत्तीसगढ़ महतारी के पूजन अर्चन से किया गया व् इस दौरान सरस्वती वंदना व उसके पश्चात् राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार” गीत का गायन कर कार्यक्रम का विधिवत शुरुआत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं प्राचार्य का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। विशेष अतिथि श्रीमती अशलेखा देवांगन ने अपने व्याख्यान में बताया की बाल विवाह वह प्रथा है जिसमें किसी लड़के की शादी 21 वर्ष से पूर्व या लड़की की शादी 18 वर्ष से कम उम्र में कर दी जाती है, जो कानूनी तौर पर अपराध है। बाल विवाह से बच्चों, खासकर लड़कियों के अधिकारों, शिक्षा और भविष्य को छीन लेती है, जिससे उनके स्वास्थ्य, स्वतंत्रता और विकास पर गहरा असर पड़ता है और जिसे रोकने के लिए कानून और सामाजिक जागरूकता दोनों जरूरी हैं, कम उम्र में गर्भावस्था, कुपोषण और अन्य जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बाल विवाह से हिंसा, शोषण और दुर्व्यवहार का खतरा अधिक होता है। इसके पश्चात् प्राध्यापकों और विद्यार्थियों द्वारा बाल विवाह रोकने के लिए सामूहिक रूप से शपथ लिया गया।

इस दौरान महाविद्यालय के समस्त अधिकारी, कर्मचारी सहित बहुतायत में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कविता सिंह, प्राध्यापकों में डॉ. सरिता स्वामी, डॉ. अनुग्रहिता जॉन, श्री राकेश कोठारी, श्रीमती कांती नेताम, श्रीमती अनिता ठाकुर, श्रीमती ओमेश्वरी मंडावी, डॉ. प्रवीण गुप्ता, श्री दिनेश माखीजा, डॉ. कमल बोदले, श्री किशोर पटेल, श्री मोहन लाल निषाद, श्री शिकलेश नुरुटी, श्री योगेश साहू, श्रीमती दीपिका खोब्रागड़े, श्री महावीर जैन, श्री डिगेंद्र बघेल, सुश्री माधुरी देवांगन, सुश्री सौम्या तिवारी की भूमिका रही। धन्यवाद एवं आभार ज्ञापन कार्यक्रम के आयोजक राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी श्री राजेश कुमार ठाकुर के द्वारा किया गया।

Ramesh Mittal

Chief Editor, navabharatnews24.com

Related Articles

Back to top button