कमलजीत सिंह मान के नेतृत्व में मुख्य महाप्रबंधक से मिलकर नियमित एवं ठेका श्रमिकों की लंबित मांगों के निराकरण बाबत ज्ञापन दिया।

रमेश मित्तल चीफ एडिटर नवभारत news 24 छग.
दल्लीराजहरा/ संयुक्त खदान मजदूर संघ दल्ली राजहरा के हजारों नियमित एवं ठेका कर्मचारी कामरेड कमलजीत सिंह मान के नेतृत्व में श्रीमान मुख्य महाप्रबंधक महोदय लौह अयस्क खदान समूह से मिलकर लौह अयस्क खदान समूह के नियमित एवं ठेका श्रमिकों की लंबित मांगों के निराकरण बाबत ज्ञापन दिया एवं लंबित समस्याओं के समाधान हेतु चर्चा की प्रबंधन की ओर से मुख्य महाप्रबंधक श्री आर बी गहरवार, एच. आर. विभाग के श्री शैलेश पटनायक सहायक प्रबंधक, शेख शिरीन सहायक प्रबंधक, तनमई सहायक प्रबंधक, रितीश मिश्रा लेबर ऑफिसर, मुरलीधर चंद्राकर लेबर ऑफिसर शामिल थे
संयुक्त खदान मजदूर संघ( केंद्रीय) अध्यक्ष कमलजीत सिंह मान एवं प्रतिनिधियों ने चर्चा में मुख्य महाप्रबंधक से कहा कि लौह अयस्क खदान समूह में विगत दो तीन बरसों से नियमित एवं ठेका कर्मचारियों के विभिन्न मांगो एवं मुद्दों पर यूनियन के द्वारा प्रबंधन को अवगत कराया गया है परंतु यह देखा जा रहा है कि ठेका श्रमिकों के मामले में ठेकेदारों द्वारा मनमानी की जा रही है। मजदूरों के वेतन , प्रोविडेंट फंड, बोनस एवं आवश्यक भुगतान जिसकी निगरानी स्वयं मुख्य नियोक्ता भिलाई स्टील संयंत्र को करनी चाहिए उनके द्वारा नहीं की जा रही है । जिससे कर्मचारीयो में आक्रोश बढ़ते जा रहा है ।संयुक्त खदान मजदूर संघ पुनः निम्न लिखित लंबित मांगों से आपको अवगत कराया जा रहा है-:
1) नियमित कर्मचारियों का वेतन समझौता 2022 में हुआ था उस समय प्रबंधन ने आश्वासन दिया था कि जनवरी 2017 से जो बकाया एरियर्स 39 माह का देना था उसे प्रबंधन ने जल्द देने का आश्वासन दिया था। परंतु उस एरियर्स का भुगतान प्रबंधन के द्वारा आज तक नहीं किया गया है । एन. जे. सी. एस. कमेटी की बैठक बुलाकर प्रबंधन 39 माह के एरियर्स का शीघ्र भुगतान करें ।
2) राजहरा माइंस अस्पताल की स्थिति दयनीय होती जा रही है। डॉक्टर एवं स्टाफ की कमी से अस्पताल जुछ रहा है । प्रबंधन को कई बार बोलने के बाद प्रबंधन के द्वारा माह में एक बार भिलाई से विशेषण डॉक्टर भेजे जा रहे हैं। लेकिन इन डॉक्टरों को माह में चार बार भेजा जाए और सभी प्रकार की जांच की व्यवस्था माइंस हॉस्पिटल राजहरा में हो ।माइंस हॉस्पिटल राजहरा में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति जल्दी से जल्दी की जावे।
3) लौह अयस्क खदान समूह में लगभग 3500 ठेका श्रमिक कार्यरत हैं ।जो की स्किल्ड, सेमी स्किल्ड, अनस्किल्ड श्रेणी के हैं। खदानों में बहुत से ठेकेदार कर्मचारियों का प्रोविडेंट फंड, भविष्य निधि का पैसा 15,000 के ऊपर 12% काटते हैं एवं स्वयं भी ठेकेदार उसी आधार पर 12% जमा करता है । जो की सरासर गलत है, क्योंकि मुख्य नियोक्ता भिलाई इस्पात संयंत्र है । एवं स्वयं भिलाई इस्पात संयंत्र ठेकेदार को ठेका श्रमिक के पूरे न्यूनतम वेतन को आधार मानकर 12% कॉन्ट्रैक्ट रेट पर देता है । ठेकेदारों के ऐसा करने से ठेकेदारों के 15,000 के वेतन पर भविष्य निधि का 12% जमा करने से कर्मचारियों को हजारों रुपए का नुकसान हो रहा है। भविष्य में यह नुकसान और अधिक बढ़ेगा । खदानों में ठेकेदार खुले आम ठेका शर्तों का उल्लंघन कर रहा है, जिस पर रोक लगना चाहिए ।
4) दल्ली यंत्रीकृत खदान,राजहरा क्रशिंग प्लांट, राजहरा टी एंड डी जैसे विभागों में ठेकेदार के द्वारा ठेका शर्तों का उल्लंघन करते हुए श्रमिकों को सेमी स्किल्ड वेतन देना चाहिए उस जगह पर अन स्किल्ड का वेतन दिया जा रहा है , इसी प्रकार जहां स्किल्ड का वेतन देना है वहां पर सेमी स्किल्ड का वेतन दिया जा रहा है । जबकि ठेका शर्तों को स्वयं प्रबंधन ही बनाता है। उन शर्तों को लागू करना प्रबंधन की जवाबदारी है । यूनियन के द्वारा पूर्व में भी प्रबंधन को उल्लंघन की विस्तृत जानकारी दी जा चुकी है ।
5) इसी प्रकार दल्ली यंत्रीकृत खदान के बिजली विभाग में कार्यरत ठेका श्रमिक, राजहरा टी एंड डी जैसे में पॉइंट्स मैन में कार्य करने वाले श्रमिकों का दो वर्ष (2022-23 और 2023 24) का बोनस भुगतान नहीं किया गया है।
6) दल्ली यंत्रीकृत खदान में हितकसा डेम एवं SBU वन (स्लाइम बेनिफिशियल यूनिट एक) का कार्य SBU Two के चालू होने के कारण बंद कर दिया गया। जबकि प्रबंधन में यह आश्वासन दिया था कि दोनों ही जगह के ठेका श्रमिकों का रोजगार प्रभावित नहीं होगा । इन्हें SBU Two में शिफ्ट किया जाएगा । जब तक शिफ्ट नहीं किया जाएगा तब तक हितकसा डैम का कार्य चालू रखा जाएगा । परंतु आज की स्थिति में दोनों जगह का काम बंद हो चुका है । इसी प्रकार कुमार कार्गो का भी कार्य बंद हो चुका है। जिसके कारण औद्योगिक अशांति की स्थिति निर्मित हो सकती है ।
7) राजहरा कोकान माइंस एवं महामाया खदानों में ठेकेदार द्वारा 14/05 /2026 को अचानक एक दिन पहले नोटिस लगाया जाता है कि मेरे पास डीजल नहीं होने के कारण में कार्य को बंद कर रहा हूं और इस कारण से कोकान क्षेत्र में 10 दिन एवं महामाया खदान में 5 दिन कार्य बंद रहा । कोकान क्षेत्र के कर्मचारियों को पांच दिन का वेतन दिया गया, जबकि महामाया के ठेकेदार द्वारा Force Majeure Clause (FMC) का हवाला देते हुए कर्मचारीयो को वेतन नहीं दिया गया। जबकि एफ एम सी (FMC )ठेकेदार एवं भिलाई इस्पात संयंत्र का मामला है। यह कर्मचारियों पर लागू नहीं होता ।ठेकेदार के द्वारा नियमों के विपरीत जाकर कर्मचारियों के वेतन से कटौती की गई। दुख का विषय यह भी है कि प्रबंधन के द्वारा भी ठेकेदार का पक्ष लिया गया।
8) लौह अयस्क खदान समूह के (E .S.I. एम्पलाई स्टेट इंश्योरेंस) कर्मचारी राज्य बीमा निगम के तर्ज पर ठेकेदार को प्रबंधन द्वारा यह राशि दी जाती है और इस जमा राशि का मुख्य लक्ष्य कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्यों को चिकित्सा उपचार एवं दवाएं प्रदान करना है ।वर्तमान में कर्मचारी एवं उनके परिवार को ओपीडी एवं छोटे उपचार हेतु व्यवस्था की जा चुकी है । चूंकि वर्तमान में ठेका श्रमिकों की ESI की राशि करोड़ों रुपए में जमा हो चुकी है। अतः प्रबंधन से यह मांग की गई थी कि सभी ठेका श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों के लिए 5 लाख तक की राशि का मेडिक्लेम की सुविधा प्रदान की जाए जिससे कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्य कहीं पर भी अपना इलाज करा सके ।
9) DAV स्कूल के संपूर्ण भवन का मेजर मेंटेनेंस कराकर वहां पर क्लास में नए फर्नीचर की व्यवस्था कराई जाए एवं प्रबंधन से यह भी मांग की गई थी कि स्कूल में पढ़ने वाले ठेका श्रमिकों के बच्चों की फीस नियमित कर्मचारियों के बच्चों की फीस के बराबर की जाए।
10)महामाया खदान क्षेत्र में प्रबंधन वर्षों से उत्पादन ले रहा है। प्रबंधन के द्वारा राजहरा ,नंदिनी एवं रावघाट में उस क्षेत्र के बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए DAV इंग्लिश मीडियम स्कूल की व्यवस्था की गई है। चूंकि महामाया क्षेत्र आदिवासी अंचल है। क्षेत्र के आसपास कोई भी इंग्लिश मीडियम स्कूल नहीं है और वहां के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा व्यवस्था करना प्रबंधन की जवाबदारी है ।प्रबंधन से अपील है कि महामाया क्षेत्र के आसपास के बच्चों के लिए सी एस आर फंड से DAV इंग्लिश मीडियम स्कूल की व्यवस्था करें ।
11) प्रबंधन के द्वारा कर्मचारियों के प्रमोशन पॉलिसी को लेकर विगत दिनों बैठक की गई थी लेकिन इस प्रमोशन पॉलिसी में भी विसंगतिया दिख रही है। इसलिए माइंस की प्रमोशन पॉलिसी को यूनियनो की बैठक बुलाकर स्पष्ट किया जाए ।
12)राजहरा माइंस टाउनशिप की आवास आवंटन पॉलिसी भिलाई इस्पात संयंत्र टाउनशिप की पॉलिसी से अलग बनाई जाए। क्योंकि माइंस टाउनशिप की स्थिति भिलाई टाउनशिप की स्थिति से बिल्कुल अलग है ।माइंस टाउनशिप में आने वाले एक वर्ष बाद अधिकांश क्वार्टर खाली हो जाएंगे । इससे न सिर्फ टाउनशिप अव्यवस्थित हो जाएगा। बल्कि टाउनशिप में रहने वाले कर्मचारी भी असुरक्षित हो जाएंगे ।इसके साथ ही टाउनशिप में आवास रखरखाव की स्थिति बहुत धीमी है जिसके कारण कर्मचारी एवं उनके परिवार परेशान है कोई भी शिकायत का निदान समय पर नहीं होता आवास रखरखाव का कार्य समय पर पूरा हो जिससे कर्मचारी एवं उसके परिवार को राहत मिले इसकी व्यवस्था प्रबंधन तय समय सीमा में सुनिश्चित करें।
चर्चा में यह भी बात आई की राजहरा टाउनशिप के क्वार्टरों को सब्जेक्ट टू वेकेशन में आवंटित किया जाए। यदि किसी एक क्वार्टर के लिए एक से अधिक आवेदन आते हैं, तो उनको सीनियरिटी के आधार पर आवंटित किया जाए। क्योंकि यहां के अधिकांश क्वार्टर खाली पड़े हैं और जर्जर होते जा रहे हैं।सब्जेक्ट टू वेकेशन में आवास आवंटित होने से क्वार्टर सुरक्षित रहेंगे और कंपनी को पैसा भी मिलेगा।
प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि उपरोक्त समस्त लंबित मांगों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आपसे अपेक्षा है कि जल्द ही कर्मचारियों को न्याय मिल सकेगा ।अगर प्रबंधन के द्वारा नियमित एवं ठेका श्रमिकों को न्याय नहीं दिया जाता है तो समस्त कर्मचारी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे ।
प्रतिनिधियों की सभी बात सुनने के बाद महाप्रबंधक श्री आर बी गहरवार ने आश्वासन दिया कि जल्द ही समस्त मांगों का समाधान किया जाएगा।
ज्ञापन की प्रतिलिपि उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई।
1)डायरेक्टर टेक्निकल सेल नई दिल्ली
2) ई डी पर्सनल भिलाई स्टील
प्लांट
3) ई डी माइंस भिलाई स्टील प्लांट
यूनियन की ओर से
संयुक्त खदान मजदूर संघ (केंद्रीय) अध्यक्ष कमलजीत सिंह मान, श्रीनिवासलू, प्रीतम कौशल, राजेश कुमार साहू, ओ पी शर्मा,हंस कुमार, नरोत्तम सागर,रजिक खान, अरूण वैध, शीतल साहू, विजय देशमुख, उमेश पटेल,आर बी सिंह, नवीन साहू,आर सुंदर ,शेख चांद, शेखर कावले,रघुराम, गुरतेज सिंह,जोई कुमार, भुनेश्वर निर्मलकर, मंगल सिंह, रियाउद्दीन, दीपक शिप्पी, जनार्दन साहू, देवेन्द्र साहू,भगत साहू, रामलाल, श्रीराम साहू, उत्तम साहू, संदीप रामटेके, संजय,पूरण लाल,चोवा राम, मनेन्द्र राय चौधरी, राजेन्द्र गंजीर, रंजीत, कैलाश गजभिए, लव कुमार, सुरेंद्र रामटेके, पुनाराम, बृजेश, कमलेश,दुलौरिन बाई, बिमल, दिनेश, डिगेश, पतराम, राजू सिंह, महेंद्र कोमा, गिरधन, मधूसुदन, नेमीचंद, अविनाश, मनीष, थानसिंह, भूपेंद्र,धरम रामकुमार, दिनेश्वर, महेंद्र साहू, प्रकाश धनंजय खूबलाल, अंकित, विनोद, गजेन्द्र, सोमनाथ, नारायण,विल्सन पाल, शिव प्रसाद,जीवनलाल साहू, सुमन मेश्राम,कामता प्रसाद,ताराचंद, शोभाराम ,विजय शर्मा, राजकुमार,मोहन गुप्ता सहित सैकड़ो कर्मचारी ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।



