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व्यवहार न्यायालय दल्लीराजहरा में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 1058 प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया।

रमेश मित्तल नवभारत news 24 छत्तीसगढ़

दल्लीराजहरा/ व्यवहार न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में बड़ी संख्या में प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में लंबित मामलों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया।

लोक अदालत में पति-पत्नी श्रीमती संगीता भारद्वाज एवं महेंद्र भारद्वाज के बीच लंबे समय से चल रहे घरेलू हिंसा प्रकरण में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा कर प्रकरण को समाप्त कराया गया। इसके अतिरिक्त 06 प्रकरण धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के, 937 प्रकरण मोटर व्हीकल एक्ट के, 80 समरी ट्रायल, 02 आईपीसी के तथा 33 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया। प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में बैंक, नगर पालिका, नगर पंचायत, विद्युत विभाग एवं दूरसंचार विभाग से संबंधित मामलों में आपसी सहमति से राजीनामा हुआ।

लोक अदालत में कुल 1058 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इस दौरान कुल 26,19,176 रुपये की राशि प्राप्त हुई।

इस अवसर पर व्यवहार न्यायालय दल्ली राजहरा की प्रथम श्रेणी न्यायाधीश श्रीमती श्रद्धा सिंह श्रीवास्तव उपस्थित रहीं। अधिवक्ता अधिकारी के रूप में पीतांबर रावटे एवं जितेंद्र भट्ट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोक अदालत में अधिवक्ता पवन गोयल, इसराइल साहू, राकेश द्विवेदी, जागेंद्र भारद्वाज, सुनील नंदी, मनोज प्रताप सिंह, अनीश वाघमारे, रेशमा बानो एवं सेलीस्टियल डिसूजा उपस्थित रहे।
इसके साथ ही न्यायालय रीडर मनीष कुमार दर्रो, विजय तुरकाने, संजय चंद्राकर श्रीमती कमलेश्वरी गावरे, विभिन्न संस्थाओं—बैंक, नगर पालिका, नगर पंचायत, विद्युत विभाग एवं दूरसंचार विभाग—के आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रहे।

सहित समाज सेवाओं से जुड़े कर्मचारी एवं अधिकारी भी उपस्थित थे।

Ramesh Mittal

Chief Editor, navabharatnews24.com

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