रेलवे भूमि विवाद पर चेंबर ऑफ कॉमर्स दल्लीराजहरा के महामंत्री ने व्यापारियों का रखा पक्ष, सीनियर डीसीएम ने समाधान का दिया आश्वासन।

रमेश मित्तल चीफ एडिटर नवभारत news 24 छग.
रायपुर/ दल्लीराजहरा/ रेलवे भूमि पर वर्षों से चल रहे टैक्स और नोटिस की समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स की दल्ली राजहरा इकाई ने सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी से मुलाकात की। चेंबर के महामंत्री भूपेंद्र कुमार डहरवाल उर्फ राजा ने रायपुर में डीसीएम से मिलकर व्यापारियों की परेशानी से अवगत कराया।
*क्या है पूरा मामला*
दल्ली राजहरा इकाई के अनुसार रेलवे यहां की जमीन पर प्रतिवर्ष व्यापारियों से टैक्स लेती थी। 2006-07 के बाद कई व्यापारियों ने टैक्स जमा करना बंद कर दिया। इसी कारण रेलवे ने वर्तमान में 119 व्यापारियों को जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया है। रेलवे का कहना है कि बकाया टैक्स के साथ फाइन जमा करना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आवंटित निजी भूमि खाली करनी पड़ेगी। इसके बाद 5 साल की लीज पर जमीन दी जाएगी और हर 5 साल में उसका नवीनीकरण होगा।
*चेंबर ने रखी ये मांगें*
चेंबर प्रतिनिधियों ने डीसीएम को बताया कि कई व्यापारी ऐसे भी हैं जिन्होंने नए मकान और प्लांट बनाए हैं लेकिन उनका नाम रेलवे रिकॉर्ड में नहीं है। कुछ लोगों के नाम कट भी गए हैं। इस वजह से समस्या और जटिल हो गई है।
*डीसीएम ने दिया आश्वासन*
सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी ने चेंबर के प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि व्यापारी बकाया टैक्स और फाइन जमा कर आवेदन प्रस्तुत करें। आवेदन मिलने के बाद 10 से 15 दिनों के अंदर इसका निराकरण कर दिया जाएगा।
महामंत्री भूपेंद्र डहरवाल ने बताया कि डीसीएम ने सभी समस्याओं का जल्द समाधान करने का भरोसा दिया है। चेंबर अब व्यापारियों से जरूरी दस्तावेज और बकाया जमा करवाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करवाएगा। चेंबर पदाधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जितनी जल्दी समाधान होगा व्यापारियों को उतनी राहत मिलेगी।



