सेजेस नया बाजार राजहरा में हरेली एवं विश्व आदिवासी दिवस का भव्य आयोजन।

रमेश मित्तल चीफ एडिटर नवभारत news 24 छग.
दल्लीराजहरा/ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, नया बाजार राजहरा में हरेली पर्व एवं विश्व आदिवासी दिवस का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्राइमरी, मिडिल एवं हायर विंग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, आदिवासी परंपराओं, कृषि जीवन एवं प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना तथा पारंपरिक कृषि औजारों की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। हरेली पर्व के माध्यम से विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की कृषि प्रधान संस्कृति और किसानों के जीवन में कृषि उपकरणों के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का सुंदर प्रदर्शन करते हुए चित्रकला, फैंसी ड्रेस, ग्रुप डांस, ग्रुप सॉन्ग एवं आदिवासी कल्चर आर्ट जैसी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा, कला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक एवं आदिवासी संस्कृति की मनमोहक झलक प्रस्तुत की।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के साथ आदिवासी समाज के गहरे संबंध को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया। विशेष रूप से आयोजित आदिवासी नृत्य एवं संगीत ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन और लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य महोदय एवं सेजेस प्रभारी सुश्री साक्षी साहू का विद्यार्थियों द्वारा पारंपरिक आदिवासी कलगी पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आत्मीय स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि हमारी लोक एवं आदिवासी संस्कृति केवल हमारी पहचान ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध विरासत भी है। ऐसी गतिविधियों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सकता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के प्राइमरी, मिडिल एवं हायर विंग के शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा समस्त विद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ सहभागिता करते हुए कार्यक्रम को यादगार बनाया।
हरेली पर्व और विश्व आदिवासी दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, रचनात्मकता, सामाजिक समरसता एवं अपनी जड़ों से जुड़ाव की भावना को मजबूत करने वाला रहा।



