राजहरा टाउनशिप की ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ ने सौंपा ज्ञापन।

रमेश मित्तल संपादक नवभारत news छतीसगढ़
दल्लीराजहरा। छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ ने राजहरा टाउनशिप की बिगड़ती व्यवस्था और कर्मचारियों की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी को लेकर प्रबंधन के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। संघ की राजहरा टाउनशिप इकाई ने उपमहाप्रबंधक (नगर प्रशासन) को 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर समस्याओं के अविलंब निराकरण की मांग की है। इस बैठक में मुख्य रूप से नगर प्रशासक मंगेश सेलकर जी, सहायक महाप्रबंधक-रमेश हेडाऊ, डी के मचगहे, विद्युत विभाग इंचार्ज अतुल कालेश, सुपरवाईज़र आर के बांदे प्रबंधन की तरफ से शामिल हुए।
श्रमिक संघ ने मुख्य रूप से खदान से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए आवास रिटेंशन स्कीम को पुनः बहाल करने और तृतीय पक्ष आवास आवंटन को फिर से चालू करने की मांग रखी है। संघ का कहना है कि इन योजनाओं के बंद होने से सेवानिवृत्त कर्मियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें:
अवैध कब्जों पर रोक: टाउनशिप में बढ़ रहे अवैध कब्जों और बिजली-पानी की चोरी पर तत्काल लगाम लगाई जाए।
सड़क मरम्मत: टाउनशिप की मुख्य सड़कों के साथ-साथ अन्य संपर्क मार्गों की जर्जर स्थिति को देखते हुए उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए।
आवासों का रखरखाव: आवासों में मेसन संबंधी कार्य, टूटी खिड़की-दरवाजों की प्राथमिकता से मरम्मत और समय पर रंग-रोगन सुनिश्चित किया जाए।
बुनियादी सुविधाएं: सीवरेज चैंबर, टैंक और पेयजल पाइपलाइनों को आवश्यकतानुसार बदला जाए।
सुरक्षा व्यवस्था: टाउनशिप के भीतर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए।
संघ के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि टाउनशिप की इन समस्याओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो संघ आगामी रणनीति बनाने पर मजबूर होगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि कार्यपालक निदेशक (भिलाई) और मुख्य महाप्रबंधक (राजहरा) को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ अध्यक्ष राजेंद्र बेहरा कोषाध्यक्ष नसीम कुरैशी,कार्यकाल सचिव गौतम बेरा, संगठन सचिव राजेश मीणा,उपाध्यक्ष दिलीप सुखदेवे, कमलाकर सिंह, विजेंद्र मीणा, दिनेश विश्वास,विजय भंज,श्याम साहू,प्रभात कुमार, अशोक सिंग,आस्करण, बी आर के नायडू,बाबूराम कड़ेल, अमरीक सिंह, एस सी सरकार,आर के सोनटेके और बहुत सारे पदाधिकारी शामिल थे।



