भगवान श्री झूलेलाल जी का जन्मोत्सव व पाँच दिवसीय ‘चेट्रीचण्ड्र महोत्सव 2026’ सिंधी नव वर्ष हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया।

रमेश मित्तल संपादक नवभारत news 24 छग.
दल्लीराजहरा/ भगवान श्री झूलेलाल जी का जन्मोत्सव ‘चेट्रीचण्ड्र महोत्सव 2026’ और सिंधी नव वर्ष हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। पूज्य सिंधी पंचायत, सिंधु महिला मंडल और सिंधु युवा मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस पांच दिवसीय महोत्सव ने पूरे नगर को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष श्री गोविंद वाधवानी जी ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए बताया की सिंधी समाज के आराध्य देव, भगवान झूलेलाल जी के जन्मोत्सव ‘चेटीचंड’ महोत्सव के अवसर पर शहर में पांच दिवसीय भक्तिमय कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया जिसमें आयोजित हुए इन कार्यक्रमों में सिंधी समाज का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरा वातावरण “जय झूलेलाल” के जयकारों से गुंजायमान रहा।
15 मार्च शाम से ही उत्सव की शुरुआत भगवान झूलेलाल जी की प्रतिमा आगमन, विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई। आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के साथ पूरा रास्ता भक्तिमय हो गया। भगवान झूलेलाल जी की मनमोहक प्रतिमा, जो मछली पर सवार अपनी दिव्य आभा बिखेर रही थी, भक्तों के आकर्षण का केंद्र रही। महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक भजनों पर झूमते हुए भगवान का आशीर्वाद लिया। दीप प्रज्वलित कर सुख-समृद्धि की कामना की गई और सामूहिक आरती में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
प्रथम दिवस 16 मार्च मुख्य आकर्षण के रूप में सुबह 6 बजे प्रभातफेरी निकाली गई । फूलों से सजे सुंदर रथ (बहराणा साहिब) में भगवान झूलेलाल की ज्योत जलाई गई।
भक्तों ने छेज (पारंपरिक सिंधी नृत्य) के साथ अपनी खुशी का इजहार किया। सुबह व शाम भव्य महा आरती हुई जिसमें आज प्रातः आरती श्री अनिल लुल्ला एवं कन्हैया लुल्ला परिवार द्वारा व शाम की आरती श्री आत्माराम लालवानी परिवार द्वारा हुई महाआरती के पश्चात सभी को प्रोजेटकर पर भगवान श्री झूलेलाल जी की जीवनी दिखाई गई इसी दौरान पंजड़ा प्रतियोगिता भी महिला मंडल द्वारा करवाई गई जिसमें पुरस्कार श्रीमती मंजू लालवानी ओर श्रीमति रश्मि माखीजा को दिया गया
द्वितीय दिवस 17 मार्च सुबह 05:30 बजे प्रभातफेरी निकाली गई, जिसमें समाज के लोगों ने भजनों के माध्यम से नगर को धर्ममय बनाया। जिसका स्वागत क्रमश श्री जय लालवानी एवं श्री मनोज लूला जी के निवास स्थान पर हुआ भव्य महा आरती हुई जिसमें प्रातः आरती श्री विनय ओटवानी परिवार द्वारा व शाम की आरती श्री सुरेश शाहनी परिवार द्वारा हुई भक्ति संध्या: 17 मार्च की शाम मशहूर ‘कटारिया ब्रदर्स’ (धीरज, यश और सक्षम कटारिया) के भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे।
तृतीय दिवस 18 मार्च प्रभातफेरी का स्वागत श्री ओम प्रकाश कुकरेजा जी के निवास स्थान पर भजन से हुई ,भव्य महा आरती हुई जिसमें प्रातः आरती श्री मुरली माधवानी परिवार द्वारा व शाम की आरती श्री पूज्य महिला मण्डल द्वारा 56 भोग के साथ सम्पन्न हुई इसी दौरान पंजड़ा प्रतियोगिता भी महिला मंडल द्वारा करवाई गई जिसमें पुरस्कार श्रीमती मिष्टी लालवानी ओर पुरस्कार खुशी कुकरेजा को दिया गया
चतुर्थ दिवस 19 मार्च प्रातः आरती श्री विशाल मोटवानी परिवार द्वारा व शाम की आरती श्री ओमप्रकाश कुकरेजा परिवार द्वारा हुई बाइक रैली: 19 मार्च को समाज के युवाओं और महिलाओं ने सफेद ड्रेस कोड में भव्य बाइक रैली निकाली। यह रैली पुराना बाजार, गुप्ता चौक और अटल चौक जैसे विभिन्न मार्गों से होते हुए गुजरी। रेली समापन पश्चात श्री गुरमुख शाहनी द्वारा तीन बच्चों का गिफ्ट दिया गया जिसमें क्रमशः काव्या शाहनी, मनीशा लालवानी एवं मौली लालवानी, थे समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए 19 मार्च को ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ आयोजित किया गया। इसमें कक्षा 5वीं से लेकर उच्च शिक्षा तक के मेधावी छात्रों और खेल-कूद व अन्य क्षेत्रों में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया।
पंचम दिवस 20 मार्च प्रातः 07 : 30 बजे गौ सेवा: जीव दया के संकल्प के साथ गौ सेवा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। उसके पश्चात सिंधी टिकाणे मंदिर से ग्रंथ साहब श्री अशोक कुकरेजा जी के निवास स्थान लाया गया जहां उनके नए निवास पर भव्य स्वागत भजन ओर चेट्रीचंद्र की धूम से समाज झूम उठा | पुनः ग्रंथ साहब बाजे गाजे के साथ पूज्य सिंधु भवन लाया गाया | जहां कीर्तन और भोग के कार्यक्रम हुए, जिसके बाद विशाल आम लंगर (भंडारा) का आयोजन किया गया। शाम को पुराना बाजार से चिखलाकसा तक भव्य बहराणा साहेब की शोभायात्रा निकाली गई, जिसका विसर्जन रात्रि 10 बजे जल सरोवर में किया गया। शोभायत्रा में कई स्थानों पर शर्बत आइस्क्रीम व अतिशबजी हुई
कार्यक्रम में सभी पूजा, आरती पल्लव आयोजन भाई साहब मनोहर करतारी एवं श्रीमती नीतू करतारी द्वारा किया गया जिनका सम्मान किया गया
विशेष बात यह रही कि चेट्रीचण्ड्र के सम्मान में 20 मार्च को समस्त सिंधी व्यवसायियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान पूर्णतः बंद रखे।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भंडारे और प्रसाद की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। समाज के वरिष्ठ जनों ने बताया कि यह पर्व न केवल भगवान झूलेलाल के अवतरण का प्रतीक है, बल्कि यह आपसी भाईचारे और एकता को भी मजबूत करता है। भक्तों के चेहरों पर झलकता उत्साह यह बता रहा था कि यह पर्व उनके दिलों में कितनी गहरी आस्था रखता है।



