कमलजीत सिंह मान ने मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंप कर खदानों में सुविधा बढ़ाने एवं आसपास ग्रामीण अंचलो के विकास के लिए रखी मांग।

रमेश मित्तल चीफ एडिटर नवभारत news 24 छग.
कमल जीत सिंह मान केंद्रीय अध्यक्ष सयुक्त खदान मजदूर संघ (एटक) ने आर बी गहरवार (मुख्य महाप्रबंधक, लौह अयस्क खदान समूह राजहरा )
द्वारा महामाया, दुलकी, कलवर खदानों में कर्मचारियों की समस्याओं एवं आसपास ग्रामीण अंचल में विकास कार्य कराने के संबंध में ज्ञापन सौंपा है ।
जिसमें लिखा है कि बालोद जिले में महामाया खदान लगभग विगत 50 वर्षों से संचालित है, जहाँ पर पहले हजारों की संख्या में कर्मचारी कार्यरत थे। उन कर्मचारियों के परिवार हेतु व्यवस्थित टाउनशिप था, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के शिक्षा के लिए स्कूल की व्यवस्था थी, एवं चित्कित्सा व्यवस्था हेतु बी.एस.पी. का स्वयं का हास्पिटल था। परन्तु समय के साथ प्रबंधन द्वारा सड़क बिजली शिक्षा अस्पातल जैसी मूलभूत सुविधायें पूर्ण रूप से बंद कर दी गयी।
आज महामाया के साथ साथ कलवर एवं दुलकी की खदानों से भी प्रबंधन द्वारा आयरन ओर निकालकर भिलाई इस्पात संयंत्र को भेजा जा रहा है। इन तीनों खदानों में लगभग 20 मिलियन टन आयरन ओर है। इन तीनों खदानों के आसपास की पाँच पंचायतों के लगभग 18 से 20 गांव आते हैं । इन पंचायतों के लगभग 700 श्रमिक इन्ही पंचायतों से आते हैं। इन श्रमिकों के लिए खदानों में न उचित रेस्टसेल्टर है ना ही पीने के लिए पानी की व्यवस्था है न कोई कैन्टीन है, न ही कोई चिकित्सा सुविधा के लिए कोई उचित व्यवस्था है। प्रबंधन सिर्फ उत्पादन कर रहा है, परन्तु यहाँ के कर्मचारी एवं आसपास के ग्रामीणें मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
उन्होंने प्रबंधक के सामने खदान कर्मचारियों के हित में मांगों पर विचार कर पूर्ण करने की मांग की है ।
1 .खदान अधिनियम के तहत खदानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए व्यवस्थित कैन्टीन की सुविधाये दी जाय।
2 . श्रमिकों के लिए वातानुकुलित रेस्टसेल्टर एवं शौचालय की सुविधा प्रदान की जाए।
3. खदान अधिनियम के तहत सभी खदानों में एम्बुलेंस एवं प्रारम्भिक चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की जाए।
4. बी.एस.पी. प्रबंधन ने जिस प्रकार दल्ली राजहरा, नंदिनी, हिरीं एवं रावघाट की खदानों में कर्मचारियों एवं क्षेत्र की जनता की सुविधा के लिए डी.ए.व्ही. स्कूल (अंग्रेजी माध्यम) खोला है । उसी प्रकार महामाया दुलकी एवं कलवर की खदानों की परिधि में आने वाले ग्रामीण बच्चों के लिए स्कूल की व्यवस्था की जाए।
5. बी.एस.पी. प्रबंधन द्वारा तीनों खदानों के कर्मचारियों एवं ग्रामीण जनता के लिये सर्वसुविधायुक्त अस्पताल खोला जाए।
6. प्रबंधन क्षेत्रीय बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए अधिक से अधिक अवसर प्रदान करे। कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए महामाया सहित अन्य ग्रामीण अंचल में बिजली पानी एवं सड़क मार्ग की उचित व्यवस्था की जाए।
उन्होंने मांग की प्रतिलिपि
माननीय जिलाधीश महोदया, जिला-बालोद (छ.ग.) अनुविभागीय दण्डाधिकारी (रा.) दल्ली राजहरा को भी सौंपा है।



