सौरभ मित्तल बने डॉक्टर, मित्तल परिवार ने रचा शिक्षा और सफलता का नया इतिहास।
मित्तल परिवार से डॉ शैलेश, डॉ ईशा, एमबीबीएस कर चुके है एवं प्रज्ञा आयुर्वेद डॉक्टर बन चुकी है एवं डॉ बनने के कगार पर है कु. मौली।

रमेश मित्तल चीफ एडिटर नवभारत news 24 छग.
दल्लीराजहरा।नगर के युवा सौरभ मित्तल ने डॉक्टर की उपाधि प्राप्त कर मित्तल परिवार, अग्रवाल समाज और नगर का नाम गौरवान्वित किया है। सौरभ की इस उपलब्धि के बाद पूरे मित्तल परिवार में खुशी और उत्साह का माहौल है। शुभचिंतकों, मित्रों और समाज के लोगों द्वारा लगातार बधाइयों का सिलसिला जारी है।
सौरभ मित्तल ऐसे परिवार से आते हैं, जहां शिक्षा, संस्कार और मेहनत को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मित्तल परिवार में अब तक चार सदस्य डॉक्टर की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं, जबकि परिवार की एक बेटी बैंक में कैशियर के पद पर सेवाएं दे रही है और पांचवीं बेटी मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत होकर डॉक्टर बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। परिवार की इस उपलब्धि को नगर में प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
डॉक्टर की उपाधि प्राप्त करने वाले सौरभ मित्तल ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार को देते हुए कहा कि “यह उपलब्धि केवल मेरी नहीं, बल्कि मेरे माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और पूरे परिवार के विश्वास का परिणाम है। कठिन परिस्थितियों में भी परिवार ने हमेशा मेरा मनोबल बढ़ाया। माता-पिता ने हमें केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और लोगों की सेवा करना भी सिखाया। आज जो भी मुकाम हासिल हुआ है, उसमें गुरुजनों की सीख और परिवार का आशीर्वाद सबसे बड़ी ताकत रही है। मेरा प्रयास रहेगा कि मैं अपने ज्ञान और सेवा भाव से समाज के लिए उपयोगी साबित हो सकूं।”
माता सीमा मित्तल ने भावुक होते हुए कहा कि“हर माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ें। बच्चों ने जिस समर्पण और संघर्ष के साथ यह सफलता हासिल की है, वह हमारे लिए सबसे बड़ा गर्व का पल है। आज की खुशी शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है।”
पिता दीपक मित्तल ने कहा कि“सफलता कभी एक दिन में नहीं मिलती। इसके पीछे वर्षों की मेहनत, अनुशासन और धैर्य छिपा होता है। बच्चों ने लगातार मेहनत की और हर चुनौती का सामना सकारात्मक सोच के साथ किया। हमें खुशी है कि हमारे बच्चे शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी महत्व दे रहे हैं।”
बड़े भाई सार्थक मित्तल ने कहा कि “सौरभ की सफलता पूरे परिवार की मेहनत और विश्वास की जीत है। उसने हमेशा लक्ष्य के प्रति गंभीरता और समर्पण दिखाया। उसकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।”
बताया जाता है कि मित्तल परिवार में वर्षों से शिक्षा और संस्कारों का विशेष वातावरण रहा है। संघर्ष, अनुशासन और समर्पण के बल पर परिवार ने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है। सौरभ मित्तल की सफलता ने न केवल माता-पिता के सपनों को साकार किया, बल्कि पूरे समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल भी प्रस्तुत की है।
मित्तल परिवार के शैलेश, ईशा, प्रज्ञा, ने भी डॉक्टर की उपाधि प्राप्त किया है और जन सेवा का कार्य करने का संकल्प लिया है मौली मैं इसी राह पर चल रही है और उन्हें भी जल्द ही डॉक्टर की उपाधि प्राप्त होगी अभी अध्यनरत है,, और डिंपी ने भी बैंक की सेवा करते हुए जन सेवा कर रही हैं, उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सौरभ सहित अन्य सभी लोगों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं परिजनों के अलावा मित्रगणों , शुभचिंतकों , सामाजिक जनों ने दिया है। परिजनों ने कहा कि यह केवल डिग्री प्राप्त करने की बात नहीं, बल्कि समाज सेवा और मानवता के प्रति जिम्मेदारी निभाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नगरवासियों ने मित्तल परिवार की इस उपलब्धि को शिक्षा, संस्कार और मेहनत की बड़ी जीत बताते हुए पूरे परिवार को शुभकामनाएं दी हैं।



